अमीरों की व्यथा कथा
गरीब, गरीब क्यों है, क्या इसपर कभी कोई विचार किया जाता है ? अम्बानी ने अपने बेटे की शादी में पैसा खर्च किया तो सारे देश ने उनकी भरपूर आलोचना की। किन्तु मैं तो बहुत प्रसन्न हुई कि देश में कोई इस काबिल है कि इतना पैसा कमा सकता है। अम्बानी की आलोचना का नतीजा था कि अडानी ने अपने बेटे की शादी में खर्च न करके सारा पैसा दान कर दिया। दान करना बहुत अच्छा है लेकिन इतनी मेहनत करके कमाने वाले को क्या इतना भी अधिकार नहीं है कि वह अपने पैसे को उपयोग करके खुश हो सके? अगर हमें अपनी मेहनत की कमाई का आनन्द लेने का अधिकार ही नहीं होगा तो हम मेहनत क्यों करें ? स्वर्गीय रतन टाटा जी की बहुत तारीफ की जाती है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई सारी दान कर दी गरीबों के लिए। लेकिन मेरी तो अंतरात्मा यही कहती रही कि काश उनका भी परिवार होता और वह भी अम्बानी की तरह अपने बेटे बेटी की शादी में खुशी से नाचते। कितना अच्छा लगता है जब पूरा अम्बानी परिवार खुशी से नाचता है। उन्होंने इसके लिए जी तोड मेहनत की है। उन्हें इसका अधिकार है। खुशी ईश्वर ने उन्हें उनके शुभ कर्मों के फलस्वरूप बख्शी है। सरकार को गरीबों को बताना चाहिए कि व...
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